महामृत्युंजय अनुष्ठान पूजन महत्व

माँ बगलामुखी और श्री हरिद्रा गणेश की पूजा का विशेष महत्व है, खासकर शत्रु बाधाओं, भय और भ्रम से मुक्ति, और वाक् सिद्धि के लिए। श्री हरिद्रा गणेश, बगलामुखी के अंग देवता माने जाते हैं और उनकी पूजा साधक को स्तम्भन शक्ति से युक्त करती है, जिससे शत्रु शांत होते हैं और विघ्न दूर होते हैं.
माँ बगलामुखी और हरिद्रा गणेश पूजा का महत्व:
शत्रु बाधाओं का निवारण:
बगलामुखी की पूजा से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और वे शांत होते हैं.
भय और भ्रम का नाश:
बगलामुखी की कृपा से भय और भ्रम दूर होते हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है.
वाक् सिद्धि:
बगलामुखी की कृपा से वाक् सिद्धि प्राप्त होती है, जिससे व्यक्ति अपनी वाणी से दूसरों को प्रभावित करने में सक्षम होता है.
विघ्न बाधाओं का निवारण:
हरिद्रा गणेश की पूजा से साधक को स्तम्भन शक्ति मिलती है, जिससे शत्रु उत्पन्न विघ्न दूर होते हैं.
अटकले हुए कार्यों में सफलता:
हरिद्रा गणेश की साधना अटके हुए कार्यों में सफलता के लिए भी उपयोगी है.
दोषों का निवारण:
विशाखा नक्षत्र दोष, मंगल ग्रह दोष, बुधादित्य योग आदि ग्रहों के दोषों को दूर करने में भी हरिद्रा गणेश की पूजा सहायक है.
किसी भी बड़ी महाविद्या की साधना से पहले:
किसी भी बड़ी महाविद्या की साधना करने से पहले श्री हरिद्रा गणेश की साधना करना आवश्यक माना जाता है,

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माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा समय

मंदिर

  • मंदिर खुलने का समय
  • प्रातः आरती
  • संध्या आरती
  • मंदिर बंद होने का समय

शीत काल

  • प्रातः 5.00
  • प्रातः 6.00
  • प्रातः 7.00
  • रात्रि 9.00

ग्रीष्म काल

  • प्रातः 5.00
  • प्रातः 6.00
  • प्रातः 7.30
  • रात्रि 9.30
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